Sunday, June 30, 2019

आज छुटियों का आखरी दिन है।
क्यों??????😟😢
मेरा पौधा दुसरे पौधों के सहारे चढ़ रहा है।



पौधा तो बड़ा हो गया ,पर सिर्फ एक ही दिक्कत है....
मुझे भी करेले की सब्ज़ी खानी पड़ेगी !😩😩
दो पौधे बहुत बड़े हो गए पर दो मुरझा रहें हैं। शायद से इतनी गर्मी नहीं सह पाये। 😓

Sunday, June 9, 2019

Tuesday, June 4, 2019

आज मैंने प्रकृति के ऊपर एक कविता लिखी.....
                                       

कौन है वो?

कौन है वो?

जो खुद धूप में खड़ा❟
दूसरों को छाया देता है

जो बिना कुछ माँगे
फल-फूल देता है 

जो शांत खड़ा रहकर

चह-चहाती चिड़ियों को घर देता है  



कौन है वो?


जो बूँद-बूँद इकट्ठी कर

अपना वजूद बनाती है 

कैसी भी हो हालत धरा पर

यह निर्मल सी बहती है 

हर पल कल-कल कर

मधुर संगीत सुनाती है 



ये पेड़ और ये नदियाँ 

देन हैं हमे प्रकृति की
मिलकर आज ये कसम खाते हैं 
की सुरक्षा करेंगे पर्यावरण की 





आज ये पौधे ऐसे दिख रहे हैं.......
मैं इनको रोज़ शाम पानी देती हूँ | 


Monday, June 3, 2019

                                                                        २१/५/२०१९ 
मेरे पापा मेरे लिए करेले और तोरी के बीज लाए  थे ।मैंने माली भैया के साथ बीज बोए थे। करीब दस दिन बाद ,
दो छोटे-छोटे अंकुर दिखने लगे।                                

                                                                       ३१/५/२०१९
                                                 

परिचय

मेरा नाम आभा देशपांडे है। मैं लोटस वैली इंटरनेशनल स्कूल की छात्रा हूँ। 

अभी हमारी गर्मियों की छुट्टियाँ चल रहीं है। हम विद्यार्थियों को एक गृहकार्य मिला है जिसमे हमें एक पौधे🌱 की देखभाल कर उसके विकास के ऊपर नियमित रूप से ब्योरा देना है।